Skip to main content

पूर्व तेज गेंदबाज इयान बिशप ने करायी अपोलोमेडिक्स में सर्जरी


पूर्व तेज गेंदबाज इयान बिशप ने करायी अपोलोमेडिक्स में सर्जरी


लखनऊ, 30 नवंबर 2019, वेस्टइंडीज के पूर्व तेज गेंदबाज इयान बिशप (52) ने अपोलोमेडिक्स सुपर  स्पेशियलिटी हॉस्पिटल लखनऊ  में अपने घुटने की सर्जरी करायी। बिशप को दो साल से  घुटने के दर्द की शिकायत थी, खासतौर पर दौड़ने के दौरान उनकी परेशानी और ज्यादा बढ़ जाती थी।  अपनी इस परेशानी को लेकर वह अपोलोमेडिक्स हॉस्पिटल पहुँचे जहां डॉक्टर संदीप गुप्ता व डॉ. मधुरेश कुमार ने सफलतापूर्वक आर्थोस्कोपिक / लेप्रोस्कोपी  सर्जरी  की। 


अपोलोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी  हॉस्पिटल के आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. संदीप गुप्ता ने कहा कि इयान बिशप लेटरल पेटलर इम्पेयरमेंट सिंड्रोम एंड ओस्टियोकोन्ड्रोल मेडिकल फीमोरल कोंडिअल से पीड़ित थे।ओस्टियोकोन्ड्रोल  डिफेक्ट  के लिए आर्थोस्कोपिक सर्जरी /लेप्रोस्कोपी  सर्जरी  द्वारा लेटरल पेटेलोप्लास्टी माइक्रोफ़्रेक्चर  से उनकी इस परेशानी का निदान  किया गया। यह एक तरह की डे केयर सर्जरी थी। 


इयान बिशप जल्द ही  सामान्य गतिविधियों में वापस हो सकेंगे । वह सर्जरी के कुछ दिन बाद ही  चलने लगेंगे।


अपोलोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर व सी.ई.ओ. डॉ. मयंक सोमानी ने कहा कि "अपोलोमेडिक्स हॉस्पिटल नार्थ रीज़न का सुविधाओं से युक्त ऐसा हॉस्पिटल है जहां एडवांस टेक्नॉलजी द्वारा मरीज़ की सर्जरी कर  एक ही  दिन में हॉस्पिटल  से छुट्टी दे दी जाती है।


Comments

Popular posts from this blog

आत्मा अजर अमर है! मृत्यु के बाद का जीवन आनन्द एवं हर्षदायी होता है!

-आध्यात्मिक लेख  आत्मा अजर अमर है! मृत्यु के बाद का जीवन आनन्द एवं हर्षदायी होता है! (1) मृत्यु के बाद शरीर मिट्टी में तथा आत्मा ईश्वरीय लोक में चली जाती है :विश्व के सभी महान धर्म हिन्दू, बौद्ध, ईसाई, मुस्लिम, जैन, पारसी, सिख, बहाई हमें बताते हैं कि आत्मा और शरीर में एक अत्यन्त विशेष सम्बन्ध होता है इन दोनों के मिलने से ही मानव की संरचना होती है। आत्मा और शरीर का यह सम्बन्ध केवल एक नाशवान जीवन की अवधि तक ही सीमित रहता है। जब यह समाप्त हो जाता है तो दोनों अपने-अपने उद्गम स्थान को वापस चले जाते हैं, शरीर मिट्टी में मिल जाता है और आत्मा ईश्वर के आध्यात्मिक लोक में। आत्मा आध्यात्मिक लोक से निकली हुई, ईश्वर की छवि से सृजित होकर दिव्य गुणों और स्वर्गिक विशेषताओं को धारण करने की क्षमता लिए हुए शरीर से अलग होने के बाद शाश्वत रूप से प्रगति की ओर बढ़ती रहती है। (2) सृजनहार से पुनर्मिलन दुःख या डर का नहीं वरन् आनन्द के क्षण है : (2) सृजनहार से पुनर्मिलन दुःख या डर का नहीं वरन् आनन्द के क्षण है :हम आत्मा को एक पक्षी के रूप में तथा मानव शरीर को एक पिजड़े के समान मान सकते है। इस संसार में रहते ...

लखनऊ में स्मारक समिति कर्मचारियों का जोरदार प्रदर्शन

लखनऊ में स्मारक समिति कर्मचारियों का जोरदार प्रदर्शन स्मारक कर्मचारियों ने किया कार्य बहिष्कार कर्मचारियों ने विधानसभा घेराव का किया ऐलान जानिए किन मांगों को लेकर चल रहा है प्रदर्शन लखनऊ 2 जनवरी 2024 लखनऊ में स्मारक समिति कर्मचारियों का जोरदार प्रदर्शन स्मारक कर्मचारियों ने किया कार्य बहिष्कार और कर्मचारियों ने विधानसभा घेराव का भी है किया ऐलान इनकी मांगे इस प्रकार है पुनरीक्षित वेतनमान-5200 से 20200 ग्रेड पे- 1800 2- स्थायीकरण व पदोन्नति (ए.सी.पी. का लाभ), सा वेतन चिकित्सा अवकाश, मृत आश्रित परिवार को सेवा का लाभ।, सी.पी. एफ, खाता खोलना।,  दीपावली बोनस ।

आईसीएआई ने किया वूमेन्स डे का आयोजन

आईसीएआई ने किया वूमेन्स डे का आयोजन  लखनऊ। आईसीएआई ने आज गोमतीनगर स्थित आईसीएआई भवम में इन्टरनेशनल वूमेन्स डे का आयोजन किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलन, मोटो साॅन्ग, राष्ट्रगान व सरस्वती वन्दना के साथ हुआ। शुभारम्भ के अवसर पर शाखा के सभापति सीए. सन्तोष मिश्रा ने सभी मेम्बर्स का स्वागत किया एवं प्रोग्राम की थीम ‘‘एक्सिलेन्स / 360 डिग्री’’ का विस्तृत वर्णन किया। नृत्य, गायन, नाटक मंचन, कविता एवं शायरी का प्रस्तुतीकरण सीए. इन्स्टीट्यूट की महिला मेम्बर्स द्वारा किया गया। इस अवसर पर के.जी.एम.यू की सायकाॅयट्रिक नर्सिंग डिपार्टमेन्ट की अधिकारी  देब्लीना राॅय ने ‘‘मेन्टल हेल्थ आफ वर्किंग वूमेन’’ के विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किये। कार्यक्रम में लखनऊ शाखा के  उपसभापति एवं कोषाध्यक्ष सीए. अनुराग पाण्डेय, सचिव सीए. अन्शुल अग्रवाल, पूर्व सभापति सीए, आशीष कुमार पाठक एवं सीए. आर. एल. बाजपेई सहित शहर के लगभग 150 सीए सदस्यों ने भाग लिय।